कोटद्वार गढ़वाल बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष विकास कुमार आर्य ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि, लालढांग-चिलरखाल मार्ग की दयनीय स्थिति और दशकों से चल रहा जनता का संघर्ष किसी से छिपा नहीं है, वर्तमान में भी कोटद्वार भाबर के लोग आंदोलनरत हैं, वर्षों से यह सड़क जर्जर हालत में पड़ी हुई है, जिससे दर्जनों गांवों के लाखों लोग रोजाना परेशान हो रहे हैं,बारिश में कीचड़, सूखे में धूल-धक्कड़, और जंगल से गुजरने वाले हिस्से में वन्यजीवों के खतरे के बीच यहां की आम जनता का जीवन नर्क बन चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में मार्ग निर्माण पर लगे स्टे को हटाया है, जो आम जनता के संघर्षों एवं आंदोलन का परिणाम है, यह फैसला आने में कई साल लग गए—क्यों? क्योंकि वर्तमान भाजपा सरकार एवं पूर्व की कांग्रेस सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया और पर्यावरणीय मंजूरियों के नाम पर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे,
अब जबकि आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, भाजपा अचानक इस मार्ग को अपनी ‘उपलब्धि’ बताकर राजनीति चमकाने में लगी है,सांसद अनिल बालूनी और विधानसभा स्पीकर ऋतु खंडूरी भूषण इसे ‘ऐतिहासिक’ बता रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि यह चुनावी जुमला है,वर्षों की देरी के लिए कौन जिम्मेदार है? भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारें क्यों सोती रहीं? वे अब वोट बैंक की राजनीति कर रही हैं, जबकि असली विकास की जगह सिर्फ घोषणाएं और प्रचार हो रहा है, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में स्पष्ट किया गया है कि इस मार्ग पर कमर्शियल वाहनों का संचालन नहीं होगा मात्र निजी वाहन से ही इस मार्ग पर वाहनों से आवागमन किया जा सकेगा, जिसके लिए प्रदेश सरकार ने स्वयं सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया है कि व्यवसायिक वाहनों का संचालन पूर्व की भांति उत्तरप्रदेश के नजीबाबाद से ही किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर भाजपा के ही नेता सस्ती राजनीति करते हुए आम जनता को भ्रमित करते हुए मीडिया के माध्यम से झूठे बयान दे रहे हैं कि उक्त मार्ग पर कमर्शियल वाहन भी संचालित होंगे जबकि सुप्रीम कोर्ट से हटी रोक के निर्णय के बाद प्रदेश सरकार का पक्ष रखने वाली अधिवक्ता एवं भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए साफ किया है कि लालढांग चिलरखाल मोटर मार्ग के निर्णय पर लगी रोक हटा दी गई है लेकिन उक्त मार्ग पर सिर्फ निजी वाहन ही संचालित होंगे, सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला अभी भी आम लोगों को लाभ पहुंचाने वाला नहीं है क्योंकि अधिकांश आम जनता तो व्यवसायिक यातायात साधनों का उपयोग कर यात्रा करती है जो सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार इस मार्ग पर प्रतिबंधित ही रहेंगे। बहुजन समाज पार्टी इस तरह की सस्ती राजनीति का पुरजोर विरोध करती है, प्रदेश सरकार जनता के सामने स्पष्ट करे कि इस बहुप्रतीक्षित लालढांग चिलरखाल मोटर मार्ग पर कमर्शियल वाहनों के संचालन की क्या व्यवस्था होगी। हम मांग करते हैं कि बिना देरी के तत्काल इस मार्ग की डीपीआर तैयार कर इस मार्ग का निर्माण शुरू हो, और इसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, भाजपा की चुनावी चालबाजियां अब नहीं चलेंगी जनता सब समझ चुकी है, बसपा कार्यकर्ता जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं, और सच्चे विकास के लिए लड़ेंगे।
प्रेषक –
विकास कुमार आर्य
जिलाध्यक्ष
बहुजन समाज पार्टी
जनपद पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड

