नैनीताल डॉ. भीमराव अंबेडकर छात्रावास में रहने वाले कुछ छात्रों ने छात्रावास के वातावरण और अनुशासन को लेकर चिंता व्यक्त की है। छात्रों का कहना है कि यह छात्रावास समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित है और इसे विशेष रूप से दूर-दराज़ क्षेत्रों से पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों के लिए बनाया गया है। यहाँ कई माता-पिता अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित माहौल की उम्मीद से भेजते हैं।
छात्रों के अनुसार, छात्रावास में रहने वाले अजय कुमार, निवासी भूमका ओखलकाण्डा, की कुछ गतिविधियों को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। छात्रों का आरोप है कि वह स्वयं भी पैसों के लिए ODC/वेटर का कार्य करने बाहर जाता है तथा कई बार अन्य छात्रों को भी अपने साथ इस कार्य के लिए ले जाने का दबाव बनाता है। विद्यार्थियों का कहना है कि इससे छात्रावास का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हो रहा है और छात्रावास की छवि भी खराब हो रही है।
कुछ छात्रों का कहना है कि यदि किसी को इस प्रकार के कार्य करने हैं तो वह अपने निजी स्तर पर करे, लेकिन छात्रावास के अन्य छात्रों को इसमें शामिल करना उचित नहीं है। छात्रों ने बताया कि छात्रावास केवल पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए है और नियमों एवं संबंधित दस्तावेजों में भी स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि यहाँ रहने वाले छात्र शिक्षा के उद्देश्य से निवास करते हैं।
विद्यार्थियों ने यह भी कहा कि भीमराव रामजी अंबेडकर के नाम पर बने इस छात्रावास की पहचान शिक्षा, अनुशासन और सामाजिक सम्मान से जुड़ी हुई है। उनका मानना है कि छात्रावास में रहने वाले सभी छात्रों को नियमों का पालन करना चाहिए और ऐसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए जिनसे छात्रावास का वातावरण खराब हो या अन्य छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो।
कुछ छात्रों ने प्रशासन और वार्डन से मांग की है कि छात्रावास के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए तथा यदि कोई छात्र लगातार अनुशासनहीन गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। छात्रों का कहना है कि इससे छात्रावास का शैक्षणिक वातावरण बेहतर बना रहेगा और यहाँ पढ़ने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

