नई टिहरी (प्रतापनगर) चर्चित नाबालिग छात्र केतन लाल को न्याय दिलाने की लड़ाई अब केवल एक परिवार या एक गांव की लड़ाई नहीं रहने दी जाएगी। प्रतापनगर क्षेत्र की जनता ने साफ संकेत दे दिए हैं कि न्याय के सवाल पर अब चुप्पी नहीं साधी जाएगी और आंदोलन की आवाज को गांव-गांव पहुंचाया जाएगा।
इसी क्रम में केतन लाल न्याय मुहिम से जुड़े प्रतापनगर क्षेत्र के लोग पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता गंगा शाह ‘आशु कवि’ से मिलने उनके पैतृक आवास पहुंचे। मुलाकात के दौरान आंदोलन की आगे की रणनीति, अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और क्षेत्रव्यापी जनजागरण अभियान पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस दौरान सबसे बड़ा सवाल सीधे सरकार और प्रशासन के सामने रखा गया—
मुख्यमंत्री आखिर प्रतापनगर की जनता को कब जवाब देंगे?
केतन लाल को न्याय दिलाने की प्रक्रिया कितनी आगे बढ़ी?
पीड़ित परिवार जिन सवालों को लगातार उठा रहा है, उनका स्पष्ट जवाब कब मिलेगा?
और दिवाकर डिमरी को लेकर पूजारी समाज जिस निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर है, उस मांग पर सरकार का स्पष्ट रुख क्या है?
मुलाकात के दौरान कहा गया कि जनता अब केवल आश्वासन सुनने के लिए तैयार नहीं है। आंदोलनकारियों के अनुसार, जिन सवालों पर परिवार, ग्रामीण और सामाजिक संगठन लगातार आवाज उठा रहे हैं, उन पर सरकार और प्रशासन को स्पष्ट जवाब देना होगा।
“अब गांव-गांव जाएगी जनक्रांति की आवाज”
गंगा शाह ‘आशु कवि’ ने आंदोलन से जुड़े लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि न्याय की लड़ाई को कुछ लोगों, कुछ गांवों या केवल सोशल मीडिया की बहस तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि अब जनक्रांति की आवाज गांव-गांव पहुंचानी होगी और लोगों को न्याय के सवाल पर जागरूक करना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रतापनगर की जनता को संगठित होकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। आंदोलन को मजबूत करने के लिए प्रत्येक गांव तक जनसंपर्क किया जाएगा और लोगों को अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
केतन के लिए न्याय की मांग, दिवाकर मामले में निष्पक्षता का सवाल
एक ओर केतन लाल के परिजन और उनसे जुड़े लोग न्याय की मांग को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं, वहीं दूसरी ओर पूजारी समाज दिवाकर डिमरी को निर्दोष बताते हुए उनकी रिहाई और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है।
गंगा शाह ‘आशु कवि’ ने कहा कि किसी भी मामले में अंतिम सच कानून और न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आएगा, लेकिन सरकार और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि जांच ऐसी हो जिस पर किसी पक्ष को संदेह न रहे।
उन्होंने कहा कि सवाल किसी के पक्ष या विरोध का नहीं, बल्कि सत्य, निष्पक्षता और न्याय का है।
“जवाबदेही से नहीं बच सकती सरकार”
आंदोलनकारियों के बीच चर्चा के दौरान कहा गया कि सरकार और प्रशासन को यह समझना होगा कि जनता अब सवाल पूछ रही है और सवालों का जवाब मांग रही है। यदि कोई परिवार अपने बच्चे के लिए न्याय मांग रहा है तो उसकी आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। यदि किसी आरोपी के पक्ष में समाज निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है तो उस मांग को भी कानून के दायरे में गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
सरकार से जनता का सवाल है—
क्या प्रतापनगर के लोगों को केवल आश्वासन मिलेगा या न्याय की दिशा में ठोस और पारदर्शी कार्रवाई भी दिखाई देगी?
क्या केतन लाल मामले से जुड़े हर सवाल का जवाब सामने आएगा?
क्या दिवाकर डिमरी मामले में जांच की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों पर भी स्थिति स्पष्ट की जाएगी?
अनिश्चितकालीन आंदोलन को तेज करने का ऐलान
बैठक में आंदोलन को और व्यापक करने का आह्वान किया गया। लोगों से कहा गया कि वे गांव-गांव जाकर जनजागरण अभियान चलाएं और लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन को मजबूत करें।
आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि यह लड़ाई अब तब तक जारी रहेगी, जब तक केतन लाल प्रकरण में पीड़ित पक्ष को न्याय और जांच से जुड़े सवालों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता तथा दिवाकर डिमरी के मामले में निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर उठ रही मांगों पर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आती।
“अब खामोशी नहीं, जवाब चाहिए”
प्रतापनगर की जनता का संदेश साफ है—
केतन लाल के मामले में न्याय चाहिए।
हर सवाल का निष्पक्ष जवाब चाहिए।
जांच पर भरोसा कायम करने वाली पारदर्शिता चाहिए।
और दिवाकर डिमरी मामले में निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया चाहिए।
आंदोलन अनिश्चितकालीन है—और जनजागरण की यह आवाज अब गांव-गांव पहुंचेगी।

