देहरादून अनुसूचित जाति–जनजाति शिक्षक एसोसिएशन उत्तराखण्ड के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश राठी ने प्राथमिक शिक्षकों के लिए अंतरमंडलीय एवं अंतरजनपदीय स्थानांतरण की व्यवस्था लागू करने, स्थानांतरण के बाद शिक्षकों को समयबद्ध रूप से कार्यमुक्त करने तथा स्थानांतरण संबंधी प्रतिवेदनों का निष्पक्ष निस्तारण करने की मांग की है।
जगदीश राठी ने कहा कि वर्षों से गृह जनपद से बाहर सेवा दे रहे प्राथमिक शिक्षकों को उनकी सेवा अवधि एवं निर्धारित मानकों के आधार पर अंतरजनपदीय स्थानांतरण का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों के लिए अंतरमंडलीय स्थानांतरण की व्यवस्था भी लागू की जानी चाहिए, ताकि पात्र शिक्षक अपनी परिस्थितियों के अनुसार एक मंडल से दूसरे मंडल में स्थानांतरण का लाभ ले सकें।
राठी ने कहा कि जिन शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी हो चुके हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से रिलीविंग के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगवाए जाएं। स्थानांतरण आदेश के बाद निर्धारित समयसीमा में संबंधित शिक्षकों को कार्यमुक्त करने की स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी मांग की कि स्थानांतरण प्रक्रिया में शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों एवं आपत्तियों की सही और निष्पक्ष जांच की जाए। संबंधित अभिलेखों एवं नियमों के आधार पर प्रत्येक प्रतिवेदन का समयबद्ध निस्तारण किया जाए, ताकि किसी भी शिक्षक के साथ अन्याय न हो।
जगदीश राठी ने सरकार से मांग की कि प्राथमिक शिक्षकों की इन तीनों समस्याओं—अंतरमंडलीय एवं अंतरजनपदीय स्थानांतरण, समयबद्ध रिलीविंग तथा प्रतिवेदनों के निष्पक्ष निस्तारण—पर शीघ्र ठोस कार्रवाई की जाए।

