

पिथौरागढ़ कोतवाली पिथौरागढ़ क्षेत्रान्तर्गत कुमौड़ निवासी शमशेर सिंह महर द्वारा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं अनुसूचित जाति/जनजाति समुदाय के प्रति अभद्र एवं अपमानजनक टिप्पणी कर सामाजिक एवं सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किए जाने का मामला प्रकाश में आया था।
इस संबंध में वादी गोपाल राम की तहरीर के आधार पर दिनांक 26 सितम्बर 2026 को कोतवाली पिथौरागढ़ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।
पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ श्री अक्षय प्रहलाद कोंडे, IPS के निर्देशानुसार प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए इसकी विवेचना एवं जांच पुलिस उपाधीक्षक पिथौरागढ़ गोविन्द बल्लभ जोशी द्वारा की जा रही है। अभियुक्त को पुलिस एवं न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने हेतु विधिक नोटिस तामील कराए गए, किन्तु उपस्थित नहीं हुआ।
प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक गोविन्द बल्लभ जोशी के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली पिथौरागढ़ ललित मोहन जोशी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम, उ0नि0 ललित डंगवाल, उ0नि0 कमलेश जोशी व अन्य पुलिस कर्मी द्वारा अभियुक्त शमशेर सिंह महर को सर्विलांस टीम अपर उपनिरीक्षक हेम चंद्र, का० कमल तुलेरा की मदत से अल्मोड़ा से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
गिरफ्तार अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया।
पिथौरागढ़ पुलिस द्वारा स्पष्ट किया गया है कि समाज में वैमनस्य, जातीय विद्वेष अथवा सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



