भोपाल मध्य प्रदेश के बहुचर्चित मुख्यमंत्री कन्यादान योजना घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। ED के भोपाल जोनल कार्यालय ने सिरोंज जनपद पंचायत के पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) शोभित त्रिपाठी और उनके सहयोगी हेमंत साहू की ₹5.37 करोड़ की संपत्ति को अटैच (कुर्क) कर लिया है। शोभित त्रिपाठी पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव के साढ़ू बताए जा रहे हैं।
यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। इस मामले में ED ने करीब दो महीने पहले ही शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था।
कोरोना काल में हुआ था ₹30.18 करोड़ का घोटाला
ED की जांच के अनुसार, यह पूरा घोटाला कोरोना काल के दौरान (वर्ष 2020-21) हुआ था। शोभित त्रिपाठी वर्ष 2019 से नवंबर 2021 तक सिरोंज जनपद पंचायत के सीईओ पद पर तैनात थे। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं कीं।
जांच में सामने आया है कि करीब 5,923 फर्जी विवाह दिखाकर कुल ₹30.18 करोड़ की राशि का फर्जी तरीके से आवंटन और वितरण किया गया। यह योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से चलाई जाती है, जिसमें आपदा के समय इस तरह का बड़ा गबन किया गया। ED फिलहाल इस मामले में आगे की जांच कर रही है।

