हल्द्वानी रामनगर क्षेत्र के ग्राम सभा पूछड़ी में रह रहे लगभग 82 परिवारों के मकानों एवं घरों को उजाड़े जाने की कार्रवाई को लेकर पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक), जिला इकाई नैनीताल ने गंभीर चिंता जताई है। पार्टी ने इस मामले में उत्तराखंड के राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर प्रभावित परिवारों को बेघर होने से बचाने तथा उनके सम्मानजनक पुनर्वास की मांग उठाई है।
पार्टी की ओर से नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम सभा पूछड़ी में रहने वाले 82 परिवारों के सामने मकान उजाड़े जाने की कार्रवाई से गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इनमें गरीब, मजदूर, मेहनतकश एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवार शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि इन परिवारों के लिए उनका घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा, परिवार की सुरक्षा और आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रभावित परिवारों के मकानों को उजाड़ने की कार्रवाई पर तत्काल हस्तक्षेप किया जाए। जब तक इन परिवारों के लिए सम्मानजनक पुनर्वास की ठोस व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक मकान खाली कराने एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
पार्टी ने सभी 82 परिवारों का निष्पक्ष सर्वेक्षण कराने, उनके निवास की अवधि, पारिवारिक एवं आर्थिक स्थिति तथा उपलब्ध दस्तावेजों की जांच करने की भी मांग की है। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवासीय भूमि अथवा सरकारी पुनर्वास योजना के तहत सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने, बच्चों की शिक्षा तथा महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की विशेष सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
ज्ञापन में जिला प्रशासन, संबंधित विभागों, जनप्रतिनिधियों और प्रभावित परिवारों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक आयोजित कर पुनर्वास की ठोस कार्ययोजना तैयार करने की मांग भी शामिल है। साथ ही राज्य सरकार से उच्चस्तरीय समिति गठित कर पूरे प्रकरण की समीक्षा करने और समयबद्ध तरीके से स्थायी समाधान निकालने का अनुरोध किया गया है।
पार्टी ने कहा कि विकास एवं कानून व्यवस्था के नाम पर गरीब परिवारों को बेघर करना उचित नहीं है। सरकार का दायित्व केवल कानून का पालन कराना ही नहीं, बल्कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के जीवन, सम्मान एवं भविष्य की रक्षा करना भी है।
पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक), जिला इकाई नैनीताल ने राज्यपाल एवं जिला प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर 82 प्रभावित परिवारों को बेघर होने से बचाने और उनके लिए न्यायसंगत एवं सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित करने की अपील की है। ज्ञापन देने वालों में एडवोकेट डॉ प्रमोद कुमार, एडवोकेट गंगा प्रसाद, जी आर टम्टा, मूलनिवासी चंदन, जी आर आर्या, तारा, पूजा, प्रीति, नीलम, रामा देवी, लीला, राम अवतार, पंकज कुमार आदि लोग मौजूद रहे।

