टिहरी नगीना लोकसभा सांसद, भीम आर्मी के संस्थापक एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद मंगलवार को प्रतापनगर के देवल गांव पहुंचकर मृतक केतन लाल के परिजनों से मिले। उन्होंने पिता धनपाल लाल, माता रुकमा देवी सहित अन्य परिजनों को सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि न्याय की इस लड़ाई में वह हर कदम पर उनके साथ खड़े रहेंगे।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि 7–8 जून 2026 की दरमियानी रात उत्तराखंड के टिहरी जिले के लंबगांव थाना क्षेत्र के देवल गांव में केतन लाल की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। उन्होंने इसे जघन्य अपराध बताते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा, इंसाफ लेकर रहेंगे।
उन्होंने बताया कि दो दिन पहले जब वह पीड़ित परिवार से मिलने देवल गांव जा रहे थे, तब उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया था और परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बावजूद उन्होंने दोबारा प्रयास किया। मंगलवार को टिहरी जिले की सीमा पर भद्रकाली, नरेंद्रनगर बाईपास में पुलिस ने उनके काफिले को रोकने की कोशिश की और सीमित संख्या में लोगों को ही गांव जाने देने पर अड़ी रही।
पुलिस से तीखी नोकझोंक के बाद चंद्रशेखर आजाद भारी बारिश के बीच करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर हिंडोलाखाल पहुंचे। बाद में पुलिस ने दो वाहनों को देवल गांव जाने की अनुमति दी, जिसके बाद वह पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।
परिजनों से मुलाकात के बाद चंद्रशेखर आजाद ने कहा, “7–8 जून 2026 की दरमियानी रात देवल गांव में भाई केतन लाल की निर्मम हत्या के बाद जब हम दो दिन पहले परिवार से मिलने जा रहे थे, तब उत्तराखंड पुलिस ने हमें मिलने नहीं दिया। आज पुनः किए गए प्रयास और लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार हम परिवार से मिले, उनका दुख-दर्द साझा किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि न्याय की इस लड़ाई में हम हर संभव साथ देंगे।”
उन्होंने कहा कि कानून के राज में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

