भिकियासैंण (अल्मोड़ा) बुरांश सपोर्टिंग हैंड फाउंडेशन द्वारा आंखर पुस्तकालय भिकियासैंण में आज मुंशी प्रेमचंद जयंती के सुअवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने मुंशी प्रेमचंद के जीवन दर्शन तथा साहित्यिक परिदृश्य पर चर्चा परिचर्चा की। मुंशी प्रेमचंद जिनकी दूरदर्शी सोच ने समाज के असल रूप को बयां किया तथा सामाजिक परिवेश में घटित, वर्णित मान्यताओं को अपनी लेखनी से नवाजा साथ ही मानवीय संवेदनाओं के असल दर्द को बयां किया। यह उनका नैतिक व मौलिक चिंतन का ही परिणाम था कि उनका संपूर्ण साहित्य समाज की मूलभूत अवधारणाओं से परिलक्षित नजर आता है। इन्हीं तमाम विषयों पर विचार गोष्ठी में उपस्थित शिक्षक साथियों ने अपनी बात रखी। कार्यक्रम में संकुल समन्वयक संकुल क्वैरला सल्ट पवन कुमार ने प्रेमचंद के साहित्यिक विरासत को सभी सम्मुख रखा। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक हेमन्त कुमार ने बताया कि हाल ही में स्थापित आंखर पुस्तकालय शैक्षणिक गतिविधियों के साथ साथ रचनात्मक गतिविधियों का भी एक प्रमुख केन्द्र है, जिसके तहत आज मुंशी प्रेमचंद जयंती के अवसर यह विचार गोष्ठी आयोजित की गई है ताकि लोग मुंशी प्रेमचंद साहित्य व विचार से परिचित हो सकें। इस अवसर पर सी आर पी हरीश चंद्र शर्मा, नरेन्द्र कुमार, मुजफ्फर अली, हिमांशु कुमार, ताजुल हसन, मुकेश कुमार, कैलाश चंद्र, बीना देवी, सुनीता देवी, मीना, रेनू, नमन चौधरी, नयन चौधरी, हर्षित बिष्ट, खुशी, मान्विक, तनुजा, आदि उपस्थित रहे।

