हल्द्वानी (नैनीताल) उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित राजकीय सुशीला तिवारी अस्पताल परिसर में जूनियर डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टर धरना स्थल पर डटे हुए हैं और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। इस दौरान पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के प्रदेश संगठन सचिव एवं अधिवक्ता गंगा प्रसाद अपने सहयोगियों के साथ अस्पताल पहुंचे और धरना दे रहे डॉक्टरों से मुलाकात कर उनके आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के प्रदेश संगठन सचिव गंगा प्रसाद ने कहा कि डॉक्टर समाज के जीवन रक्षक होते हैं और उनकी मांगें पूरी तरह से जायज हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में डॉक्टरों को महज 17 हजार रुपये स्टाइपेंड के रूप में दिया जा रहा है, जो आज की भीषण महंगाई के दौर में बहुत कम है। डॉक्टरों द्वारा स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग की जा रही है, जो पूरी तरह न्यायसंगत है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जब सरकारें ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ की बात करती हैं, तो स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी समान व्यवस्था और सुविधाएं लागू होनी चाहिए।
गंगा प्रसाद ने यह भी रेखांकित किया कि हल्द्वानी कुमाऊं मंडल का मुख्य प्रवेश द्वार है और सुशीला तिवारी अस्पताल इस पूरे क्षेत्र का सबसे बड़ा सरकारी चिकित्सा केंद्र है। यहां पर्वतीय एवं दूर-दराज के इलाकों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। दिल्ली या ऋषिकेश एम्स दूर होने के कारण क्षेत्र की जनता इसी अस्पताल पर निर्भर है। ऐसे में अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की जल्द से जल्द तैनाती होनी चाहिए, डॉक्टरों के वेतन-भत्तों में सुधार किया जाना चाहिए और आम जनता के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने प्रदेश सरकार और शासन से अपील की कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को तुरंत संज्ञान लेकर जूनियर डॉक्टरों के बीच पहुंचना चाहिए और उनकी समस्याओं का अविलंब समाधान करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि डॉक्टरों की न्यायसंगत मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया गया, तो पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) डॉक्टरों के समर्थन में प्रदेश स्तर पर बड़ा कदम उठाएगी और आंदोलन को और तेज करेगी।

