कोटद्वार गढ़वाल मूलरूप से विकासखंड पाबौ एवं वर्तमान में मालधनचौड़ जनपद नैनीताल निवासी वयोवृद्ध समाजसेवी बलवंत सिंह भारती का 97 वर्ष की उम्र में 12 सितम्बर रात्रि लगभग 9 बजे निधन हो गया है।
उनके निधन से प्रदेशभर में शोक व्याप्त है,उत्तराखंड के मूलनिवासी शिल्पकार समाज ने आपके रूप में एक क्रांतिकारी सुधारक को खो दिया है।
आपके संघर्षों को समाज हमेशा याद रखेगा। आचार्य विनोबा भावे के भूदान आंदोलन में अपना जीवन समर्पित करने वाले बलवंत सिंह भारती ने हमेशा सामाजिक सुधारवादी आंदोलनों में बढ़ चढ़कर भाग लिया, आपने सर्वोदय से जुड़कर भी दशकों अपनी सेवाओं का लाभ समाज को पहुँचाया।
राज्य निर्माण से पूर्व उत्तराखंड प्रदेश में शिल्पकार समाज के सामाजिक, राजनीतिक भविष्य को लेकर नए राज्य में उनके संवैधानिक हितों के लिए संगठित आंदोलन में भारती जी ने अहम भूमिका निभाई। तदुपरांत प्रदेश में लोकसभा विधानसभा एवं पंचायतों में आरक्षण का निर्धारण हुआ। मंडल मुख्यालय पौड़ी में कलेक्ट्रेड के पास बाबा साहब की भव्य मूर्ति स्थापना में भी भारती जी की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता।
बद्रीनाथ मंदिर प्रवेश के आंदोलन के दौरान विरोधियों ने उनके सर पर उल्टी कुल्हाड़ी से हमला किया था जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे, उनके सर पर वो गहरा घाव आज भी उनके संघर्षों की गवाही देता है।
उत्तराखंड प्रदेश के मूलनिवासी शिल्पकार समाज के समग्र विकास को समर्पित, शैलशिल्पी विकास संगठन ने दिवंगत समाज सुधारक बलवंत सिंह भारती जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विकास कुमार आर्य ने अपने शोक संदेश में कहा कि भारती जी के निधन से एक युग का अंत हुआ है, उन्होंने जीवनभर समाज एवं बेहतर राष्ट्र निर्माण में अपना पूरा जीवन समर्पित किया है, वो जाति धर्म के बंधनों से हमेशा मुक्त रहे, मानव-मानव एक समान सब ईश्वर की संतान की भावना से उन्होंने अपना जीवन जीया।
उत्तराखंड के शोषित वंचित समाज को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए उन्होंने अथक प्रयास किय, उत्तराखंड के मूल निवासी शिल्पकार समाज ने आज अपना संरक्षक खोया है, उनके त्याग एवं संघर्ष को शिल्पकार समाज कभी नहीं भूला सकता।
शैलशिल्पी विकास संगठन द्वारा वर्ष 2000 मे भारती जी को उनकी सेवाओं के लिए उन्हें *उत्कृष्ट समाज सेवा सम्मान* से विभूषित किया था।
आर्य ने कहा कि दिवंगत विभूति की स्मृतियों को हमेशा जीवित रखने के उद्देश्य से शैलशिल्पी विकास संगठन उनके नाम पर कुछ न कुछ सकारात्मक कार्यक्रम संचालित करेगा।

