कोटद्वार सर्व उत्थान के लिए विनोबा भावे के विचारों से आत्मसात करने की आवश्यकता है। यह बात वरिष्ठ पत्रकार नागेन्द्र उनियाल ने कण्वाश्रम ग्राम स्वराज समिति तथा सर्वोदय गढ़वाल मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में भूदान आंदोलन के प्रणेता विनोबा भावे के 131 वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए कही। उन्होंने ने कहा कि आज हम अपने महापुरुषों द्वारा स्थापित नैतिक मूल्यों को भूलते जा रहे हैं। विनोबा भावे को महान व्यक्तित्व बताते हुए उन्होंने कहा कि सर्वोदय विनोबा भावे का एक महान विचार था, यह विचार पूरे मानव समाज के लिए हितकारी है। उन्होंने कहा कि यदि समाज में बढ़ती वैमनस्य को समाप्त करना है तो आज समाज में इस विचार को आगे बढ़ाने की पहले से अधिक आवश्यकता है। कोई भी समाज तब तक उन्नति नहीं कर सकता जब तक अन्तिम व्यक्ति का उत्थान नहीं होता। कर्नल (से.निवृत्त) बिमला रावत की अध्यक्षता में बोक्सा बालिका जनजाति विद्यालय, हल्दूखाता में आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार सुभाष चन्द्र नौटियाल तथा समाजसेवी डॉ कमलेश कुमार थे। कार्यक्रम में सर्वप्रथम सर्वधर्म प्रार्थना की गयी तथा गढ़वाल सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष डॉ सुरेन्द्र लाल आर्य ने भारत रत्न विनोबा भावे के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर कै. पी.एल. खन्तवाल (रि.)को उनकी समर्पित सामाजिक सेवाओं के लिए “भारत रत्न आचार्य विनोबा भावे स्मृति सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने विनोबा भावे को एक महान आध्यात्मिक विचारक बताया। वक्ताओं ने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी विनोबा भावे ने स्वतंत्र भारत में भूमिहीनों को भूमि उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सन् 1951 से भूदान आंदोलन चलाया था। जिसके परिणामस्वरूप उनके भूमिहीनों को भूमि उपलब्ध हो पायी थी। सर्वोदय के माध्यम से विनोबा भावे ने गरीबों, शोषितों तथा वंचितों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का महान तथा ऐतिहासिक कार्य किया है। उनके महान कार्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए भारत सरकार ने विनोबा भावे को 1983 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. गीता रावत शाह तथा डॉ. सुरेन्द्र लाल आर्य ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर समिति के संरक्षक प्रकाश कोठारी, डॉ. प्रोफेसर बी सी शाह, शील सौरव रावत, स्नेहदीप रावत, सम्पति नेगी ‘संध्या’, एस एन नौटियाल, राजेन्द्र पंत,कंचन रावत, प्रीति रावत, मीना बछुवाण, लक्ष्मी देवी,धीरजधर बछुवाण, राजेन्द्र सिंह नेगी, शूरवीर खेतवाल, महेंद्रपाल सिंह रावत ,रिपुदमन बिष्ट, धीरेंद्र सिंह नेगी,आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे।

