हल्द्वानी (नैनीताल) पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक)के प्रदेश संगठन सचिव एडवोकेट गंगा प्रसाद द्वारा कुमाऊँ क्षेत्र के लघु एवं सीमांत किसानों की समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार एवं संबंधित कृषि विभाग का ध्यान किसानों की कठिनाइयों की ओर आकर्षित किया है।
पार्टी का कहना है कि कुमाऊँ क्षेत्र के अनेक छोटे एवं सीमांत किसानों को अपनी धान की उपज बेचने के लिए पर्याप्त एवं सुलभ धान क्रय केंद्रों की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसके कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में भी कठिनाइयाँ आ रही हैं।
पार्टी के अनुसार, खेती की बढ़ती लागत, खाद एवं बीज की उपलब्धता, सिंचाई की समस्याएँ, कृषि कार्यों में बढ़ता खर्च तथा फसल को बाजार तक पहुँचाने की कठिनाइयाँ छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं। ऐसे में यदि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और समय पर भुगतान नहीं मिलता है, तो उनके परिवारों की आजीविका प्रभावित होती है।
पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) राज्य सरकार से मांग करती है कि कुमाऊँ क्षेत्र में किसानों की आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त धान क्रय केंद्र स्थापित किए जाएँ तथा वर्तमान क्रय केंद्रों की व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए। किसानों को सरकारी निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान बेचने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए और उपज की खरीद एवं भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
पार्टी की प्रमुख मांगें
1. कुमाऊँ क्षेत्र के ग्रामीण एवं कृषि बहुल क्षेत्रों में पर्याप्त धान क्रय केंद्र खोले जाएँ।
2. लघु एवं सीमांत किसानों को धान विक्रय के लिए दूर-दराज के केंद्रों तक जाने की मजबूरी से राहत दी जाए।
3. किसानों की धान की उपज की सरकारी निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद सुनिश्चित की जाए।
4. धान खरीद के बाद किसानों को समयबद्ध भुगतान किया जाए।
5. खाद, बीज, सिंचाई एवं अन्य कृषि संसाधनों से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाए।
6. किसानों की फसल को बाजार तक पहुँचाने के लिए परिवहन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।
7. किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय स्तर पर जनसुनवाई आयोजित की जाए।
पार्टी ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए उनकी समस्याओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। सरकार को चाहिए कि वह किसानों की वास्तविक परिस्थितियों का आकलन कर प्रभावी कदम उठाए, ताकि छोटे एवं सीमांत किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके और वे सम्मानपूर्वक अपना जीवनयापन कर सकें।
पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) ने राज्य सरकार एवं संबंधित विभागों से मांग की है कि कुमाऊँ के किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए तथा धान खरीद व्यवस्था को किसान हितैषी बनाया जाय।

