नरेंद्रनगर (टिहरी) प्रशासन की सख्ती और बैरिकेडिंग के बावजूद भीम आर्मी का प्रदर्शन सफल रहा। देवल हत्याकांड में मारे गए केतन लाल के परिजनों से मिलने जा रहे संगठन के कार्यकर्ताओं को भले ही पुलिस ने देवल जाने से रोक दिया, लेकिन उन्होंने नरेंद्रनगर में ही जोरदार प्रदर्शन कर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचा दी। इस संघर्ष से गदगद केतन के परिजनों ने भीम आर्मी की भूरी-भूरी प्रशंसा की है।
पुलिस ने रोका, फिर भी नहीं रुके कदम
सोमवार शाम राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह नौटियाल के नेतृत्व में भीम आर्मी के करीब 150 कार्यकर्ता देवल गांव में केतन के परिवार से मिलने जा रहे थे। केतन की कुछ दिन पहले हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने धारा 144 का हवाला देकर नरेंद्रनगर में ही बैरिकेडिंग लगाकर कार्यकर्ताओं को रोक दिया। स्थानीय विरोध का भी दबाव बनाया गया।
लेकिन कार्यकर्ता डटे रहे। रोके जाने के बाद “जय भीम” के नारों के साथ नरेंद्रनगर में ही धरने पर बैठ गए। हाथों में नीले झंडे और डॉ. अंबेडकर के पोस्टर लेकर कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। बाद में एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में सरकार से रखी 6 बड़ी मांगें
संगठन ने ज्ञापन के जरिए सरकार के सामने ये मांगें रखीं:
1. 1 करोड़ का आर्थिक सहयोग: पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए 2. सरकारी नौकरी: परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए 3. 20 नाली जमीन का पट्टा: परिवार को 20 नाली जमीन का पट्टा आवंटित किया जाए 4. शस्त्र लाइसेंस: आत्मरक्षा के लिए परिवार को शस्त्र लाइसेंस दिया जाए 5. सभी आरोपियों की गिरफ्तारी: संयुक्त आरोपियों व उनके परिवार की तत्काल गिरफ्तारी हो 6. बुलडोजर कार्रवाई: मुख्य आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाया जाए
‘मुश्किल वक्त में साथ खड़ा हुआ संगठन’ – परिजन भावुक
भीम आर्मी के इस संघर्ष को देखकर केतन के परिजन भावुक हो गए। केतन की मां ने कहा, “बेटे के जाने के बाद हम टूट गए थे। गांव में भी लोग डर के मारे चुप थे। लेकिन भीम आर्मी के भाई हमारे लिए नरेंद्रनगर तक आए। पुलिस ने रोका, परेशान किया, फिर भी वो पीछे नहीं हटे।”
केतन की बहन ने कहा, “राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह नौटियाल खुद हमसे मिलने आ रहे थे। जब संगठन ने नरेंद्रनगर जाम किया, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया है। हमें लगा कि हम अकेले नहीं हैं। ये एहसान हम कभी नहीं भूलेंगे।”
‘प्रदर्शन के बाद तेज हुई जांच’
परिजनों का मानना है कि भीम आर्मी के प्रदर्शन के बाद ही पुलिस की जांच तेज हुई है। केतन के पिता बोले, “हम गरीब लोग हैं। हमारी कोई सुनने वाला नहीं था। भीम आर्मी ने बिना स्वार्थ के हमारा साथ दिया। पूरे समाज की तरफ से हम मनजीत भाई और उनके साथियों का धन्यवाद करते हैं।”
संगठन का ऐलान
राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह नौटियाल ने कहा, “हमें रोकने की लाख कोशिश हुई, लेकिन भीम आर्मी का कारवां रुकने वाला नहीं है। जब तक केतन के परिवार को न्याय और हमारी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा।”

