नई टिहरी सपने बड़े हों, मेहनत सच्ची हो और मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो सफलता की राह आसान हो जाती है। इस कहावत को चरितार्थ करते हुए शिल्पकार समाज का नाम रोशन करने वाले डॉ. किशोरी लाल शाह के छोटे बेटे मयंक शाह ने एमबीबीएस (MBBS) में चयन हासिल कर परिवार और समाज को गौरवान्वित किया है।
मयंक शाह की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। उनके बड़े भाई मयूरेश शाह वर्तमान में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर गढ़वाल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। अब छोटे भाई मयंक के भी चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखने से शाह परिवार की यह उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
शिक्षा और मेहनत से लिखी सफलता की कहानी
मयंक शाह का एमबीबीएस में चयन इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण से लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। उनकी सफलता विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें साकार करने के लिए मेहनत करते हैं।
शिल्पकार समाज के लिए भी यह उपलब्धि गर्व का विषय है। शिक्षा किसी भी समाज की प्रगति का मजबूत आधार है। ऐसे युवाओं की सफलता समाज के दूसरे बच्चों को भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
मयंक शाह के एमबीबीएस में चयन पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। उम्मीद जताई गई कि वह भविष्य में एक कुशल चिकित्सक बनकर मानव सेवा में योगदान देंगे और अपने परिवार के साथ समाज का नाम भी रोशन करेंगे।
संदेश स्पष्ट है—शिक्षा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।
नई टिहरी संवादाता UCN गंगा शाह

