बागेश्वर पिछले 16 दिनों से लापता चल रहे वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व नगरपालिका सभासद धीरेंद्र सिंह परिहार का शव मंगलवार को थुणाई के समीप गोमती नदी के किनारे बरामद हुआ। उनकी मौत की खबर सामने आते ही बागेश्वर में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों, अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों में गहरा दुख है।
जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय धीरेंद्र परिहार 17 अक्टूबर से लापता थे। उनकी तलाश में परिजन लगातार प्रयास कर रहे थे। उनकी मां नंदी परिहार ने कोतवाली में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराकर पुलिस से बेटे को तलाशने की अपील की थी।
पुलिस ने उनकी तलाश के लिए शहर के विभिन्न इलाकों में सीसीटीवी फुटेज खंगाली और खोजबीन की। इस बीच नुमाइशखेत क्षेत्र में कुछ सीसीटीवी कैमरों के तार काटे जाने और कैमरों को नुकसान पहुंचने की बात भी सामने आई थी, जिससे मामला और चर्चा में आ गया।
सोमवार को धीरेंद्र परिहार का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने एसबीआई तिराहे पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया था। इस दौरान विधायक पार्वती दास भी मौजूद रहीं। लोगों ने पुलिस से जल्द मामले का पता लगाने की मांग की थी।
मंगलवार को थुणाई के समीप गोमती नदी किनारे शव मिलने की सूचना पर पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
आज होगी पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस
सीओ बागेश्वर अजय शाह के अनुसार, धीरेंद्र परिहार का शव बरामद कर लिया गया है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। 4 नवंबर को पुलिस अधीक्षक प्रेस वार्ता कर मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी देंगे।
फिलहाल उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह स्पष्ट नहीं है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।

