अल्मोड़ा आज दिनांक 12 मई 2026 को उप प्रभागीय वनाधिकारी काकुल पुंडीर ने बताया कि मोहान वन प्रभाग की कैमोरिया बीट अंतर्गत ग्राम सभा तड़म में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना के उपरांत वन विभाग द्वारा लगातार सघन रेस्क्यू एवं निगरानी अभियान संचालित किया गया। लगातार प्रयासों एवं संयुक्त अभियान के परिणामस्वरूप आज दिनांक 11 मई 2026 को प्रातः लगभग 9:00 बजे उक्त बाघ का सफल रेस्क्यू कर लिया गया। रेस्क्यू के उपरांत बाघ का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें वह पूर्णतः स्वस्थ पाया गया। इसके बाद बाघ को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व भेज दिया गया।
दिनांक 31 मार्च 2026 को हुई घटना के बाद क्षेत्र में वन विभाग की रेस्क्यू टीम द्वारा ड्रोन, ट्रैप कैमरे तथा गठित गश्ती दलों की सहायता से लगातार निगरानी की जा रही थी। साथ ही सुरक्षा उपकरणों जैसे पिंजरा, फॉक्स लाइट, सायरन तथा अग्निशमन उपकरणों का उपयोग करते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। ग्रामीणों को सतर्क रहने हेतु लगातार जागरूक भी किया जाता रहा।
वन विभाग की टीम द्वारा रात्रिकालीन गश्त, ट्रैकिंग एवं सर्च ऑपरेशन लगातार संचालित किए गए। क्षेत्र में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व एवं नैनीताल चिड़ियाघर की विशेषज्ञ रेस्क्यू टीमों की भी सहायता ली गई।
दिनांक 03 मई 2026 को ग्राम सभा तड़म के समीप एक बाघ को ट्रैंकुलाइज करने का प्रयास किया गया, किन्तु घने जंगल एवं विषम परिस्थितियों के कारण अभियान को और तेज करते हुए अतिरिक्त टीमों को तैनात किया गया। इस दौरान कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भी लगातार सहयोग प्रदान किया गया।
वन विभाग द्वारा क्षेत्र में लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया गया। पोस्टर एवं पंपलेट वितरित किए गए तथा कॉर्बेट एवं नैनीताल चिड़ियाघर की विशेषज्ञ टीमों के साथ संयुक्त रेस्क्यू अभियान संचालित किया गया।
उन्होंने आमजन से अपील की है कि वन्यजीवों की गतिविधियां दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें। जंगल में अकेले न जाएं तथा अंधेरे में गैर जरूरी आवाजाही से बचें।

