नई टिहरी 16 वर्षीय केतन लाल को न्याय दिलाने और पीड़ित परिवार की छह सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर जारी अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को चौथे दिन भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहा। धरना स्थल पर आंदोलनकारियों का जोश और सामाजिक संगठनों का सहयोग लगातार बढ़ता दिखाई दिया। आंदोलन को मजबूती देने के लिए शिल्पकार समाज आगे आया है और धरना स्थल पर भोजन व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू कर दी गई है।
धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि न्याय की इस लड़ाई में अब समाज के लोग खुलकर आगे आ रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों से मिल रहे सहयोग और समर्थन ने आंदोलन को नई ताकत दी है। आंदोलनकारियों ने शिल्पकार समाज सहित उन सभी लोगों का आभार जताया, जो केतन को न्याय दिलाने की लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
“यह लड़ाई सिर्फ केतन के लिए नहीं”
धरना स्थल से आंदोलनकारियों ने कहा कि यह संघर्ष केवल एक परिवार को न्याय दिलाने तक सीमित नहीं है। यह लड़ाई समाज के सम्मान, सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के स्वाभिमान से जुड़ी हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आज केतन के साथ जो हुआ, उस मामले में न्याय की मांग को लेकर समाज एकजुट हुआ है। इसलिए यह आंदोलन केवल केतन लाल को न्याय दिलाने का आंदोलन नहीं, बल्कि आने वाली हर शिल्पकार पीढ़ी को सम्मान और सुरक्षा के साथ जीने का अधिकार दिलाने की लड़ाई है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार की सभी छह मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।
सत्ता और प्रशासन को स्पष्ट संदेश
धरना स्थल से सरकार और प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया गया कि आंदोलनकारी किसी भी दबाव में पीछे हटने वाले नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें न्याय से जुड़ी हुई हैं और उन्हें पूरा कराना उनका अधिकार है।
“जब तक हमारी छह मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हम रुकेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं और न्याय की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।”
इस ऐलान के साथ चौथे दिन भी धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी की। जय भीम, जय शिल्पकार समाज और केतन को न्याय दो के नारों से धरना स्थल गूंजता रहा।
भोजन व्यवस्था शुरू होने से आंदोलन को मिली मजबूती
अनिश्चितकालीन धरने के चौथे दिन शिल्पकार समाज के सहयोग से भोजन व्यवस्था शुरू होने को आंदोलन की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। आंदोलनकारियों ने कहा कि समाज का यह सहयोग केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्याय की लड़ाई में सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है।
धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि जिस प्रकार समाज के लोग आगे आकर सहयोग कर रहे हैं, उससे उनका हौसला बढ़ा है। आंदोलनकारी अब लंबे संघर्ष के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं।
“डटे हैं, डटे रहेंगे”
धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने एक स्वर में कहा कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि उन्हें अपने आंदोलन और न्याय की मांग पर पूरा भरोसा है तथा समाज का बढ़ता समर्थन उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
“हम डटे हैं, डटे रहेंगे… न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।”
इस संकल्प के साथ केतन को न्याय दिलाने के लिए अनिश्चितकालीन धरने का चौथा दिन समाप्त हुआ, जबकि आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि छह मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा।

