नई टिहरी समाज के दबे-कुचले और वंचित लोगों की आवाज को प्रमुखता से उठाने वाले पत्रकार गंगा शाह ‘आशुकवि’ के समर्थन में सेवानिवृत्त जिला जज कांता प्रसाद ने खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से पत्रकारिता करने वाले व्यक्ति को दबाव, आलोचना अथवा आरोपों से विचलित होने की आवश्यकता नहीं है। पत्रकार को तथ्यों और सत्य के साथ मजबूती से खड़ा रहना चाहिए।
कांता प्रसाद ने अपने संदेश में कहा कि गंगा शाह ने पत्रकारिता में ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई है और दबे-कुचले लोगों की आवाज को भी बराबरी से उठाया है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति वंचित और कमजोर वर्गों के सवालों को सामने लाता है तो उस पर तरह-तरह के आरोप लगाए जाना कोई नई बात नहीं है।
‘आरोपों से नहीं, तथ्यों से दें जवाब’
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में पत्रकार को अपनी कलम रोकने के बजाय और अधिक जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए। सत्य, तथ्य और संवैधानिक मूल्यों को आधार बनाकर पत्रकारिता जारी रखना ही सबसे प्रभावी जवाब है।
कांता प्रसाद ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल प्रभावशाली लोगों की आवाज को मंच देना नहीं, बल्कि उन लोगों की समस्याओं को भी सामने लाना है जिनकी आवाज अक्सर व्यवस्था तक नहीं पहुंच पाती। उन्होंने गंगा शाह को निर्भीक होकर समाज से जुड़े मुद्दों की खबरें सामने लाने और अपनी पत्रकारिता के माध्यम से जागरूकता पैदा करने की शुभकामना दी।
‘जागरूक समाज ईमानदार पत्रकारिता के साथ खड़ा होगा’
सेवानिवृत्त जिला जज ने कहा कि किसी खबर से असहमति हो सकती है, लेकिन पत्रकार को डराने या दबाव में लाने के बजाय तथ्यों के आधार पर सवाल किए जाने चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि समाज के जागरूक और न्यायप्रिय लोग हमेशा ईमानदार एवं तथ्यपरक पत्रकारिता का साथ देंगे।
उन्होंने गंगा शाह के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि सच और जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
— कांता प्रसाद
सेवानिवृत्त जिला जज

