

नैनीताल उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय को आज सुभाष उपाध्याय के रूप में सातवां स्थायी न्यायाधीश मिल गया है। महाधिवक्ता एस.एन.बाबुलकर ने इसे न्याय प्रक्रिया में सटीकता और तेजी आने की उम्मीद जताई और रिक्त पदों पर न्यायाधीशों की नियुक्ति की मांग की है।
नैनीताल स्थित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश कोर्ट में आज फुल कोर्ट रैफरेंस के बीच रजिस्ट्रार जर्नल योगेश कुमार गुप्ता ने मुख्य न्यायाधीश से प्रोसिडिंग शुरू करने की अनुमाती मांगी। इसके बाद नौटिफिकेशन को पढ़ा गया।
इसमें, भारत सरकार के अपर सचिव जगन्नाथ श्रीवास्तव के एक अक्टूबर को भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षरों के बाद जारी पत्र में अतिरिक्त न्यायाधीश से स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ लेने को कहा गया था। न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय व अन्य न्यायाधीशों के परिवार भी इस मौके पर उपस्थित रहे।
रे.जर्नल ने राज्यपाल ले.जरनल गुरमीत सिंह के पत्र को पढ़ा। तत्पश्चात, मुख्य न्यायाधीश मंनोज कुमार गुप्ता द्वारा अतिरिक्त न्यायाधीश सुभाष उपाध्याय को स्थायी न्यायाधीश की शपथ ग्रहण कराई गई और हस्ताक्षर लिए गए। इसके बाद कोर्ट प्रोसिडिंग को बंद कर दिया गया।
इस मौके पर डायस पर वरिष्ठ न्यायाधीश मंनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल, न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित, न्यायमूर्ति आलोक मेहरा और न्यायमूर्ति सिद्धारत साह रहे जबकि न्यायमूर्ति रविन्द्र इस मौके पर अनुपस्थित दिखे।
महाधिवक्ता एस.एन.बाबुलकर ने कहा कि आज न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की स्थायी नियुक्ति के बाद स्थायी न्यायाधीशों की संख्या 7 हो गई है। इससे अब न्याय कार्य और बेहतर तरीके से चलेगा। जनता को अब जल्दी न्याय मिलेगा। उन्होंने ये भी कहा कि जल्द उच्च न्यायालय को नए न्यायाधीश मिलेंगे और कुछ नई नियुक्तियों के रास्ते भी खुलेंगे।
पूर्व महाधिवक्ता वी.बी.एस.नेगी, वरिष्ठ न्यायाधीश डी.के.शर्मा, पीयूष गर्ग, बासु मौलेखी, जी.एस.विर्क समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। न्यायालय की तरफ से रे.विजिलेंस सुबीर कुमार, रे.प्रोटोकॉल राहुल श्रीवास्तव, रजिस्टर इंफ्रा धर्मेंद्र सिंह अधिकारी, रे.इंस्पेक्शन प्रतिभा तिवारी, ओ.एस.डी.धर्मेंद्र सिंह अधिकारी, एच.सी.एल.सचिव नेहा कुशवाहा आदि रहे।



