गैरसैंण उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा में दो दिवसीय सत्र के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों, जनसमस्याओं और अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर सियासी टकराव देखने को मिला। कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में सरकार को घेरते हुए कथित 210 करोड़ रुपये के मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। विपक्ष ने मंत्री रेखा आर्य को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग भी की।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि खाद्य, खेल तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े मामलों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब विपक्ष भ्रष्टाचार और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, तो इन मामलों पर सदन में पर्याप्त चर्चा क्यों नहीं हो रही है। कांग्रेस ने सरकार से आरोपों की जांच पारदर्शी तरीके से कराने और जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
अंकिता और केतन लाल को न्याय दिलाने का सवाल
विधानसभा सत्र के दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग भी विपक्ष के प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। इसके साथ ही नाबालिग केतन लाल को न्याय दिलाने का सवाल उठाते हुए यह मांग की गई कि वंचित परिवारों को न्याय दिलाने से जुड़े मामलों पर भी विधानसभा में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
विपक्ष का आरोप रहा कि सदन की सीमित अवधि के कारण सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, भ्रष्टाचार और अन्य बुनियादी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा का अवसर नहीं मिला। कांग्रेस ने सत्र की अवधि बढ़ाने और जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने की बात कही।
पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा की गिरफ्तारी पर विरोध
लोकसभा राज्यसभा पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने तीखे शब्दों डबल इंजन सरकार का विरोध किया आठ दस घंटे तक गिरफ्तार रखा रात के साढ़े दस बजे पूर्व सांसद एवं उनके साथियों को रिहा किया, यह शिल्पकार समाज का सबसे बड़ा अपमान है आर एस एस पोषित भाजपा वंचितों की आवाज उठाने नहीं देना चाहती है।
पूर्व लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने भी सरकार की कार्यशैली पर तीखा विरोध जताया। उनके पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि उन्हें और उनके साथियों को लगभग दस घंटे तक हिरासत में रखा गया तथा बाद में रिहा किया गया। इस कार्रवाई को उन्होंने शिल्पकार समाज और वंचित वर्गों की आवाज उठाने के अधिकार से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए।
प्रदीप टम्टा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनहित के सवाल उठाने और विरोध दर्ज कराने की जगह मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वंचित समाज से जुड़े मुद्दों को उठाने वालों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, अंकिता भंडारी और केतन लाल को न्याय दिलाने जैसे सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
जांच और जवाबदेही की मांग
गैरसैंण सत्र के दौरान उठे इन मुद्दों ने सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया। विपक्ष की प्रमुख मांग है कि कथित 210 करोड़ रुपये के मामले सहित संबंधित विभागों में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो और जनहित के मुद्दों पर सरकार स्पष्ट जवाब दे।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि इन आरोपों की जांच और जवाबदेही को लेकर सरकार क्या कदम उठाती है तथा अंकिता भंडारी और नाबालिग केतन लाल को न्याय दिलाने की मांग पर आगे क्या कार्रवाई होती है।
संवाददाता UCN गंगा शाह

