रानीखेत (अल्मोड़ा) आज दिनांक 16 जून 2026 को टिहरी जनपद में हुए चर्चित केतन लाल हत्याकांड के विरोध में मंगलवार को रानीखेत में न्याय की बुलंद आवाज सुनाई दी। मूलनिवासी संघ के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनसंगठनों और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचकर गहरा रोष व्यक्त किया तथा संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रेषित कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केतन लाल की निर्मम हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं और न्याय व्यवस्था के समक्ष एक गंभीर चुनौती है। वक्ताओं ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती, तो आमजन का कानून और न्याय व्यवस्था पर विश्वास कमजोर पड़ सकता है।
कार्यक्रम का नेतृत्व मूलनिवासी संघ के अध्यक्ष दिनेश आर्या ने किया। उन्होंने कहा कि केतन लाल हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है और समाज के भीतर गहरी चिंता पैदा की है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को शीघ्र कठोर दंड दिया जाए, ताकि यह घटना भविष्य के लिए एक नजीर बन सके और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर अंकुश लगे।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पीड़ित परिवार को हर स्तर पर न्याय, सुरक्षा और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। वक्ताओं ने सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा पर बल देते हुए कहा कि अन्याय के विरुद्ध समाज की सामूहिक आवाज ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने एकजुट होकर न्याय और सामाजिक सद्भाव के पक्ष में अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा और समाज के जागरूक लोग अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
कार्यक्रम में बामसेफ से दिनेश टम्टा, अंबेडकर समारोह समिति के अध्यक्ष गुसाई राम, कुलदीप कुमार, मुकेश कुमार, सुन्दर लाल सुमन, अनिल टम्टा, बसंती दोरियाल, राजेन्द्र प्रसाद, आनंद राम, गणेश कुमार, हेमा देवी, रेवती देवी, गोपाल राम सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि “न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है”, इसलिए प्रशासन को मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

