हल्द्वानी (नैनीताल) दिनांक 05.07.2026 को डॉ0 अम्बेडकर विद्यालय, दमुवाढूंगा में साप्ताहिक अखबार ‘वंचित स्वर’ का 16 वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रूप में जे0 सी0 बेरी, सेवानिवृत्त उपनिदेशक, पर्यटन विभाग, सम्पादक एडवोकेट डॉ0 प्रमोद कुमार एवं अध्यक्षता जी0 आर0 टम्टा ने की, संचालन एडवोकेट गंगा प्रसाद ने किया।
कार्यक्रम को रविकान्त राजू, दीपक चनियाल, मनोज कुमार, आर0 बी0 राम, हरीश, सुनीता बौद्ध, मंजू, योगिता दीप, मोहित, रफीक अहमद, सुरेश लाल, चन्दन राम, राजेन्द्र प्रसाद, मंजू रानी एडवोकेट राजेन्द्र सिंह कुटियाल, के0सी0 आर्या आदि लोगों ने सम्बोधित किया। सुनीता बौद्ध ने वंचित स्वर पर एक शानदार कविता का पाठ किया।
कार्यक्रम की शुरूआत बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्री कुटियाल द्वारा सभी को बुद्ध बंदना करायी गयी। उसके बाद वंचित स्वर के 16वां जन्मदिवस का केक काटा गया।
सभी वक्ताओं ने ‘वंचित स्वर’ के सफलतापूर्वक 16 वर्ष पूरे करने पर खुशी जाहिर की वंचित स्वर का अधिक से अधिक प्रसार करने का संकल्प लिया गया। साथ ही उसे तन मन धन से सहयोग करने की प्रतिबद्धता जतायी गयी।
सम्पादक एडवोकेट डॉ प्रमोद कुमार ने वंचित स्वर के 16वें वर्ष में प्रवेश करने पर सभी पाठकों को बधाई दी और वंचित स्वर के यहां तक सफर की दांस्ता बयां की। पेपर के यहाँ तक के सफर में सभी सहयोगी साथियों की प्रसंशा की। सफर के इस दौर तक पहुँचने पर अपनी कठिनाईयों को सभी के सामने साझा किया तथा लोगों से आर्थिक सहयोग करने की उम्मीद जतायी ताकि अखबार निर्बाध गति से अपने गन्तव्य पथ पर आगे बढ़ता रहे।
के0सी0आर्या ने कहा कि अखबार के क्रियान्वयन में आ रही खामियों को दूर करने का प्रयास जारी रहेंगे तथा भविष्य में अखबार के प्रसार पर और अधिक जोर दिया जायेगा।
मुख्य अतिथि जे0सी0बेरी ने अखबार के 16वें जन्मदिवस पर पूरी टीम को बधाई दी तथा अखबार के प्रकाशन, मुद्रण आदि में समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुये अखबार के लिए अपने महत्त्वपूर्ण सुझाव दिये उन्होंने कहा कि प्रबन्धन की जिम्मेदारी युवाओं के हाथ में देनी की आवश्यकता है। युवाओं में जोश जज्बा रहता है वे और अधिक प्रभावी ढंग से अखबार को चलाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। सेवानिवृत्त लोगों को मार्ग दर्शक मण्डल में रखा जाए। उन्हें बीच-बीच में उसका पर्यवेक्षण करना जुरूरी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जी0 आर0 टम्टा ने कहा कि वंचित स्वर वंचितों की आवाज है। वंचितों की इस आवाज को हम सभी को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए। यह केवल अखबार नही है यह एक दस्तावेज है।
कार्यक्रम में शंकर कोहली, अविनाश कुमार, जीवन शिल्पकार, चन्द्र प्रकाश आर्य, सुनीता आर्या, विधान रत्न सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

