कोटद्वार गढ़वाल आज दिनांक 12 जुलाई 2026 को गढ़वाल के सपूत, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की प्रतिमूर्ति, सेवानिवृत्त IAS चंद्र सिंह के निधन पर आज शैलशिल्पी विकास संगठन द्वारा उत्तराखंड रत्न, कर्मवीर जयानंद भारतीय स्मृति पुस्तकालय, सिम्मलचौड़, कोटद्वार में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
सभा की अध्यक्षता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विकास कुमार आर्य ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्धजन, युवा, महिला कार्यकर्ता एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि चंद्र सिंह जी_केवल एक कर्मठ अधिकारी ही नहीं थे, बल्कि दलितों, वंचितों और कमजोर वर्गों के सच्चे मसीहा थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और अवसर पहुँचाने में समर्पित कर दिया। चंद्र सिंह टिहरी-उत्तरकाशी जिले के अनुसूचित जाति समाज के पहले IAS अधिकारी थे। उनकी ईमानदारी आज भी लोकसेवा का आदर्श मानी जाती है। उनके निधन से उत्तराखंड के अनुसूचित जाति (शिल्पकार) समाज ने अपना अभिभावक, एक निष्ठावान लोकसेवक और समाजसेवी को खो दिया है।
इस अवसर पर शैलशिल्पी विकास संगठन ने उत्तराखंड सरकार से मांग की है कि सेवानिवृत्त IAS चंद्र सिंह की स्मृति को चिरस्थायी बनाने हेतु राज्य सरकार उनके नाम पर उनके गृह जनपद में किसी विद्यालय या महाविद्यालय का नामकरण करे। संगठन का मानना है कि उनके महान जीवन और संघर्ष से आने वाली नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी और वे भी सेवा और ईमानदारी के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित होंगे।
सभा के अंत में 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और उपस्थित सभी लोगों ने उनके दिखाए गए सेवा मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर sc st शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश राठी, अम्बेडकर मंच के संरक्षक प्रमौद चौधरी, सेवानिवृत रेंजर केशीराम निराला, सुरवीर खेतवाल, बी.के. भारती, जन अधिकार मंच के अध्यक्ष आशाराम, अंबेडकर मंच की अध्यक्ष गीता सिंह, मनोज सिंह, एडवोकेट जीवन कुमार “जोनी” अर्जुन सिंह, मोहित कुमार, पूरण सिंह, श्याम सिंह आदि लोग मौजूद हुए।

