उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय बड़ेथी में भोजनमाता की नियुक्ति का मामला लंबे समय तक लंबित रहने के बाद आखिरकार सुलझ गया। हिमालय अम्बेडकर सेवा समिति के अथक प्रयासों और जिलाधिकारी उत्तरकाशी के समक्ष मामले को मजबूती से उठाए जाने के बाद अनुसूचित जाति की महिला रोशनी देवी को भोजनमाता बनने का अवसर मिला है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि गत मार्च माह में राजकीय प्राथमिक विद्यालय बड़ेथी, क्षेत्र डूंडा में भोजनमाता की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। इस पद के लिए रोशनी देवी ने आवेदन किया था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद उनके प्रकरण पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
न्याय की आस में लंबे समय तक इंतजार करने के बाद रोशनी देवी अपनी समस्या लेकर उत्तरकाशी पहुंचीं और हिमालय अम्बेडकर सेवा समिति के पदाधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने अपनी पूरी बात समिति के समक्ष रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए समिति के पदाधिकारियों ने तत्काल इसका संज्ञान लिया और 6 अगस्त को जिलाधिकारी उत्तरकाशी के समक्ष प्रकरण रखा।
समिति ने जिलाधिकारी को संबंधित शासनादेशों और नियमों का हवाला देते हुए अनुसूचित जाति की महिला के प्रकरण में न्यायोचित कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई कराई, जिसके बाद रोशनी देवी को भोजनमाता बनने का अवसर मिला।
हिमालय अम्बेडकर सेवा समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि जिला मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित विद्यालय में एक गरीब और जरूरतमंद महिला को अपने अधिकार के लिए महीनों तक संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह मामला सामाजिक न्याय और शासनादेशों के सही क्रियान्वयन से जुड़ा हुआ था।
समिति ने प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि संगठन आगे भी अनुसूचित जाति, वंचित, शोषित और जरूरतमंद वर्ग के लोगों को उनके अधिकार दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा।
उत्तरकाशी संवाददाता
गंगा शाह

