नई टिहरी टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर क्षेत्र के देवल गांव निवासी 16 वर्षीय दलित छात्र केतन लाल की मौत के मामले में न्याय की मांग लगातार तेज होती जा रही है। घटना के बाद से ही केतन का परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। सोमवार को परिवार की ओर से नई टिहरी स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मामले में अब तक हुई कार्रवाई और जांच की प्रगति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए।
परिजनों का कहना है कि केतन की मौत के मामले में सीबी-सीआईडी जांच चल रही है, लेकिन अब तक जांच किस स्तर तक पहुंची है और किन लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, इसकी स्पष्ट जानकारी परिवार को मिलनी चाहिए। परिवार ने जांच एजेंसी से मामले की प्रत्येक कड़ी को गंभीरता से जोड़कर निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करने की मांग की है।
90 दिन में चार्जशीट दाखिल होने को लेकर चिंता
परिवार और समर्थकों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि मामले में निर्धारित वैधानिक अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल हो। उनका कहना है कि यदि गंभीर आपराधिक मामले में समय पर आरोप-पत्र दाखिल नहीं किया गया तो आरोपियों को कानून के तहत डिफॉल्ट जमानत का लाभ मिलने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में जांच एजेंसी से समय रहते सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने की मांग की गई है।
हालांकि, चार्जशीट और गिरफ्तारी से जुड़े अंतिम निर्णय जांच एजेंसी और न्यायालय की कानूनी प्रक्रिया के अधीन हैं, लेकिन परिवार चाहता है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
फोन कर केतन को बुलाने वालों की गिरफ्तारी पर सवाल
मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि जिन लोगों के फोन के बाद केतन घर से निकला और जिन्हें मिलने के लिए बुलाया गया था, उनकी भूमिका की जांच कहां तक पहुंची है? परिवार का कहना है कि घटना की पूरी कड़ी सामने लाने के लिए फोन कॉल, मोबाइल रिकॉर्ड, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों की भूमिका की गहन जांच आवश्यक है।
परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। परिवार ने यह भी सवाल उठाया कि लड़की की मां की भूमिका की जांच और उनकी गिरफ्तारी के संबंध में अब तक क्या कार्रवाई हुई है।
परिवार की मांग—हर कड़ी की हो निष्पक्ष जांच
केतन के परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाना नहीं, बल्कि वास्तविक दोषियों और घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाना है। परिवार चाहता है कि जांच में किसी भी व्यक्ति को केवल प्रभाव, दबाव या किसी अन्य कारण से राहत न मिले और यदि किसी की भूमिका प्रमाणित होती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
परिजनों ने प्रशासन और जांच एजेंसी से मांग की है कि जांच की प्रगति की जानकारी परिवार को दी जाए और मामले में लंबित कार्रवाई को शीघ्र पूरा किया जाए।
न्याय की उम्मीद में बैठा परिवार
केतन लाल की मौत ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार का कहना है कि बेटे को खोने का दर्द कभी खत्म नहीं हो सकता, लेकिन यदि दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलती है तो उन्हें यह भरोसा जरूर होगा कि केतन के साथ न्याय हुआ।
परिवार ने कहा कि केतन सिर्फ उनका बेटा नहीं था, बल्कि एक छात्र और भविष्य के सपने देखने वाला 16 वर्षीय बच्चा था। इसलिए उसकी मौत की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
परिजनों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि मामले में किसी भी तरह की देरी न हो और निष्पक्ष जांच के साथ समयबद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
केतन लाल के परिवार का सवाल साफ है—जांच कहां तक पहुंची, अब तक क्या कार्रवाई हुई और न्याय कब मिलेगा

