टिहरी गढ़वाल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे के दौरान सभा स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं में तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। टिहरी गढ़वाल से कांग्रेस के वरिष्ठ जमीनी कार्यकर्ता एवं प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट शांति प्रसाद भट्ट ने इस घटनाक्रम पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है।
एडवोकेट शांति प्रसाद भट्ट ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर हैं। ऐसे में उनके कार्यक्रम के बाद सभा स्थल का शुद्धिकरण किया जाना न केवल एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता का अपमान है, बल्कि सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को समानता और सम्मान का अधिकार देता है। किसी व्यक्ति की जाति अथवा सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर उसके आने के बाद किसी स्थान को “शुद्ध” करने की मानसिकता देश के संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है।
भट्ट ने कहा, “मल्लिकार्जुन खड़गे का यह अपमान देश कभी नहीं भूलेगा। यह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि उस विचारधारा का अपमान है जो समानता, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की बात करती है।”
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस मुद्दे को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता के बीच उठाएं और समाज में व्याप्त भेदभाव की मानसिकता के खिलाफ मजबूती से आवाज बुलंद करें।
संवाददाता गंगा शाह

