देहरादून विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मंडल ने टिहरी के केतन लाल हत्याकांड को लेकर मुख्यसचिव आनन्द वर्द्धन से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि इस मामले में पुलिस जातिवादी भीड़ के दबाव में काम कर रही है। प्रतिनिधि मंडल ने स्पष्ट तौर पर कहा कि एकमात्र चश्मदीद गवाह के खिलाफ पोक्सो के तहत मुकदमा दर्ज करके और उसे जेल भेजकर आरोपी पक्ष को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि लड़की की मां ने आरोप लगाया था कि केतन और दिवाकर भट्ट ने उनकी बेटी के साथ बलात्कार किया। हालांकि उनके बयान में कई जगह संशय पैदा होता है। घटना के एक महीने से ज्यादा का वक्त गुजरने के बाद लड़की का मेडिकल करवाया गया। पुलिस के अनुसार मेडिकल में लड़की के गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। लेकिन पुलिस के अधिकारी यह भी बता रहे हैं कि प्रेगनेंसी उस दौरान की नहीं, बल्कि करीब तीन महीने पहले की है।
प्रतिनिधि मंडल का कहना था कि दिवाकर डिमरी के खिलाफ पोक्सो की धारा 5 एन के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह धारा तब लगती है जब बलात्कार करने वाला परिवार का व्यक्ति या नजदीकी रिश्तेदार होता है, लेकिन दिवाकर डिमरी इनमें से कुछ भी नहीं है, इससे जाहिर होता है कि मुकदमा बहुत जल्दबाजी में और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त भीड़ के दबाव में दर्ज किया गया है। यह वही भीड़ है, जो लाश के सौ टुकड़े करने और लंबगांव थाने को यहां न रहने देने तक की धमकी दे चुकी है। यह भीड़ कई वीडियो में कहती सुनाई दी कि केतन की हत्या नहीं वध किया गया और बिल्कुल ठीक किया गया।
प्रतिनिधि मंडल ने केतन के पिता धनपाल लाल का हवाला देते हुए कहा कि उनके परिवार को खतरा है और उनके बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी डर बना हुआ है। इसलिए उनके परिवार की सुरक्षा और उन्हें जरूरी सुविधा देने की व्यवस्था की जाए। प्रतिनिधि मंडल ने लड़की को लेकर भी चिन्ता जताई और कहा कि आरोपी परिवार और उनका पक्ष ले रहे लोग जिस तरह से हर तरह से लड़की को बदनाम करते दिखाई दे रहे हैं, इससे साफ है कि उनकी चिन्ता लड़की नहीं, बल्कि उसके आरोपी पिता और दादा को बचाना है। ऐसे में लड़की की सुरक्षा भी खतरे में है।
मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया कि वे अपने स्तर पर इस मामले में जो भी कार्यवाही संभव होगी करेंगे और पुलिस से भी जरूरी कार्रवाई करने के लिए कहेंगे। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि वे पुलिस महानिदेशक को भी मिलने का प्रयास कर रहे हैं। जब भी वे समय देंगे उनसे भी मुलाकात की जाएगी।
प्रतिनिधि मंडल में सीपीआई के समर भंडारी, सीपीएम के राज्य सचिव राजेन्द्र पुरोहित, सीपीआई माले के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी, उत्तराखंड इंसानियत मंच के डॉ. रवि चोपड़ा, प्रो. एन राघवेन्द्र, त्रिलोचन भट्ट, उत्तराखंड महिला मंच के विमला कोली, स्वतंत्र स्तंभकार आरपी विशाल, सर्वोदयी कार्यकर्ता भुवन पाठक, सामाजिक कार्यकर्ता रघुनाथ आर्य शामिल थे।

