नानकमत्ता राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय नानकमत्ता में विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार एवं रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर अंजला दुर्गापाल ने कहा कि विज्ञान मानव जीवन को सरल, सुरक्षित और उन्नत बनाने का सबसे सशक्त माध्यम है। विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रहकर प्रयोग, शोध और नवाचार की ओर अग्रसर होना चाहिए, तभी समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है। इस अवसर पर भौतिक विज्ञान विभाग के प्रभारी प्रोफेसर मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि महान वैज्ञानिक सर सी. वी. रमन को नोबेल पुरस्कार मिलने की स्मृति में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। उनका कहना था कि रमन प्रभाव ने विश्व विज्ञान को नई दिशा दी और आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी विज्ञान को करियर के साथ-साथ समाज सेवा का माध्यम बनाए। इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. निवेदिता अवस्थी ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, तार्किक दृष्टिकोण और अनुसंधान के प्रति प्रेरित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि आज के समय में विज्ञान केवल ज्ञान का विषय नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम भी है। यदि युवा पीढ़ी विज्ञान को जिज्ञासा, नवाचार और मानवीय मूल्यों के साथ अपनाए, तो देश सभी क्षेत्रों में आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बन सकता है।
चित्रकला विभाग की प्रभारी डॉ. ममता सुयाल ने कहा कि विज्ञान और कला एक-दूसरे के पूरक हैं। पोस्टर, मॉडल और चित्रों के माध्यम से जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है, जिससे जन-जागरूकता बढ़ती है।
इस अवसर पर रसायन विज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ. ललित बिष्ट ने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। रसायन विज्ञान स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसे समझना आज के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है।
इस अवसर पर आयोजित विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता में अनामिका एवं अनन्या कुमारी की टीम ने प्रथम, शिवानी जोशी एवं आकांक्षा चन्द की टीम ने द्वितीय तथा अंकुर एवं अनीता भट्ट की टीम ने तृतीय स्थान तथा हर्षिता एवं रोशनी ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया।
स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में प्रियांशी जुकरिया ने प्रथम तथा ज्योति ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर आयोजित तत्कालिक भाषण प्रतियोगिता में शिवानी जोशी ने प्रथम नमनदीप कौर ने द्वितीय तथा परमजीत कौर ने तृतीय एवं हर्षिता सिंह राणा तथा आकांक्षा चन्द ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया।
पोस्टर प्रतियोगिता में आकांक्षा चन्द ने प्रथम, परमजीत कौर ने द्वितीय तथा अनामिका ने तृतीय स्थान तथा नमनदीप, कपिल राणा एवं हिमांशु ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर अंजला दुर्गापाल, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. मृत्युंजय शर्मा, डॉ. निवेदिता अवस्थी, डॉ. ममता सुयाल, डॉ. ललित सिंह बिष्ट, डॉ. स्वाति लोहनी, डॉ. शशि प्रकाश सिंह,डॉ. रवि जोशी, डॉ. निशा परवीन, डॉ. निशा आर्या, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. दर्शन सिंह मेहता, राम जगदीश सिंह, सुनील कुमार तथा शिवानी जोशी, अनन्या, अनामिका, परमजीत कौर, अनीता भट्ट, कपिल सिंह, सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।

