दिनेशपुर उत्तराखण्ड के उधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर में सोमवार को एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल यहां शुगर की तथाकथित ‘चमत्कारी’ दवा के नाम पर अवैध कारोबार चल रहा था। पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों की संयुक्त कार्रवाई में इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब गदरपुर की उप जिलाधिकारी ऋचा सिंह ने खुद एक मरीज बनकर पहुंची। जिसके बाद उन्होंने आरोपी से दवाई ली। जिसकी जांच में सामने आया कि आरोपी एलोपैथिक दवाओं को पीसकर और उसमें हिरण के सींग का चूर्ण मिलाकर उसे आयुर्वेदिक दवा बताकर बेच रहा था। यह दवा मधुमेह नियंत्रण के नाम पर लोगों को दी जा रही थी, जबकि इसकी कोई वैध प्रमाणिकता नहीं थीउत्तराखंड पुलिस, वन विभाग और औषधि विभाग की टीम ने छापेमारी कर मौके से सात हिरण के सींग, बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयां, तैयार चूर्ण, खाली पैकेट और दवा बनाने वाली मशीनें बरामद कीं। बताया जा रहा है कि जब्त सामग्री का वजन करीब 50 कुंतल तक है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इस नकली दवा की एक पुड़िया करीब एक हजार रुपये में बेचता था। सोशल मीडिया और लोगों के जरिए प्रचार कर इस अवैध कारोबार को बढ़ाया गया। दवाओं की सप्लाई दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक की जा रही थी। सूत्रों के अनुसार, आरोपी के बैंक खातों में बड़े पैमाने पर ऑनलाइन लेन-देन के सबूत मिले हैं, जिससे इस धंधे के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा मिलता है। मौके से एक बिना लाइसेंस की पिस्टल और कारतूस भी बरामद हुए हैं, जिसकी जांच अलग से की जा रही है।

