देहरादून विदित हो कि दिनांक 23 जून 2026 को शिक्षक एसोसिएशन, उत्तराखण्ड के नेतृत्व में आयोजित ऐतिहासिक “हुंकार रैली” को विभिन्न शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों का व्यापक समर्थन एवं सहभागिता प्राप्त हुई थी। उसी आंदोलन की निरंतरता में आज मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड से संगठन के प्रतिनिधिमंडल की विस्तृत एवं सकारात्मक वार्ता सम्पन्न हुई।
दिनांक 23 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री कार्यालय से वार्ता हेतु सूचना प्राप्त हुई थी, जिसमें संगठन का नाम क्रम संख्या 15 पर निर्धारित किया गया था।
बैठक के दौरान संगठन की 19 सूत्रीय मांगों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के समक्ष स्पष्ट रूप से यह भी निवेदन किया कि पिछले लगभग डेढ़ वर्ष में यह हमारी चौथी मुलाकात है, किंतु संगठन की अनेक प्रमुख मांगें आज भी लंबित हैं। अतः अब इन मांगों पर ठोस एवं समयबद्ध निर्णय लिया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना तथा अपर सचिव कांडपाल को प्रत्येक बिंदु का गहन अध्ययन करने के निर्देश दिए। साथ ही आश्वस्त किया कि अध्ययन पूर्ण होने के उपरांत संगठन के साथ पुनः विस्तृत वार्ता की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, दयानंद टम्टा के दुखद प्रकरण पर भी पृथक ज्ञापन सौंपा गया। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तथा शासन स्तर से हरसंभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
संगठन को विश्वास है कि अपर सचिव कांडपाल द्वारा अध्ययन पूर्ण होने के पश्चात पुनः बैठक आयोजित होगी तथा संगठन की 19 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक एवं सार्थक निर्णय लिए जाने की दिशा में प्रभावी पहल होगी।
आज के प्रतिनिधिमंडल में उपस्थित सदस्य:
जगदीश राठी — प्रदेश अध्यक्ष, अनुसूचित जाति–जनजाति शिक्षक एसोसिएशन, उत्तराखण्ड
मदन शिल्पकार — संरक्षक, अनुसूचित जाति जनजाति एंप्लाइज फेडरेशन
सुरेश चंद्र — प्रदेश महामंत्री, अनुसूचित जाति जनजाति शिक्षक एसोसिएशन
सुनीत सिंह — मंत्री, एस सी एस टी इंप्लाईज फेडरेशन
अंजू कुठारा जी — अध्यक्ष, मूल निवासी कर्मचारी कल्याण संगठन
यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति–जनजाति शिक्षक समाज के सम्मान, अधिकारों एवं न्यायोचित मांगों का संघर्ष है। संगठन निरंतर संवाद, लोकतांत्रिक प्रयासों एवं एकजुटता के साथ अपनी 19 सूत्रीय मांगों के समाधान हेतु प्रतिबद्ध है।

