डुंडा (उत्तरकाशी) आज दिनांक 24 जुलाई 2026 को तहसील डुंडा के ग्राम मंजगांव पट्टी भंडारस्यूं में चल रहा भूमि विवाद बुधवार को उपजिलाधिकारी डुंडा की मध्यस्थता में सुलझ गया। प्रशासन के आश्वासन के बाद भूमिहीन पीड़ित मगन दास पुत्र नैन दास ने अपना धरना समाप्त कर दिया है।
जानकारी के अनुसार प्रार्थी मगन दास निवासी ग्राम मंजगांव अनुसूचित जाति के भूमिहीन व निर्बल वर्ग के व्यक्ति हैं। उनका आवास ग्राम के खसरा संख्या 1225, क्षेत्रफल 0.008 हे0, जो कि गैर जमींदारी खातौनी में उत्तराखंड राज्य की भूमि है, पर बना हुआ है। उन्होंने उक्त भूमि को सरकारी ग्रान्ट एक्ट के अंतर्गत आवासीय प्रयोजन हेतु अपने नाम पट्टे पर स्वीकृत करने की मांग की थी।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी डुंडा द्वारा राजस्व उपनिरीक्षक से जांच कराई गई। जांच में प्रार्थी को भूमिहीन पाया गया। शासनादेश संख्या 2096 व 2785 के अनुसार वन भूमि को छोड़कर निर्बल वर्ग को 180 वर्ग गज (150 वर्ग मीटर) तक भूमि आवास हेतु पट्टे पर दी जा सकती है। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी डुंडा ने पत्रांक 625/पी0ए0-पट्टा स्वीकृति/2026 दिनांक 21 जुलाई 2026 के द्वारा जिलाधिकारी उत्तरकाशी को उक्त भूमि का पट्टा मगन दास के नाम स्वीकृत करने का प्रस्ताव भेजा था।
वहीं गांव में मिलन केंद्र के बगल में खसरा संख्या 1220 को लेकर दूसरा विवाद चल रहा था। इसी को लेकर दिनांक 24-07-2026 को स्थान ग्राम मंजगांव में मगन दास के मकान स्थल पर उपजिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में दोनों पक्षों की बैठक हुई।
बैठक में उपजिलाधिकारी द्वारा सभी पक्षकारों को निर्देशित किया गया कि ग्राम मंजगांव में मिलन केंद्र के बगल एवं मगन दास के मकान के आगे उत्तराज हिस्सा वर्ग-3 के स्वामित्व की भूमि खसरा नं0 1220 में कोई भी पक्ष बिना जिलाधिकारी महोदय की अनुमति/स्वीकृति के छेड़खानी नहीं करेगा। इसका दोनों पक्ष पालन करेंगे। उक्त भूमि पर बिना जिलाधिकारी की स्वीकृति के न तो ग्राम पंचायत और न ही मगन दास कोई छेड़खानी करेंगे।
प्रशासन के इस निर्देश के बाद मगन दास ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इस मौके पर नायब तहसीलदार कुमार नानक, मंडल प्रतिनिधि विकास सिंह नेगी, ग्राम प्रधान मंजगांव, राजेश, राकेश बहादुर, प्रमोद बिष्ट, संदीप कुमार, अजीत लाल, प्रदीप कुमार सहित कई ग्रामीण व राजस्व कर्मी मौजूद रहे।
मगनदास ने बताया है कि इस प्रकरण में विश्व मानवाधिकार आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाक्टर चंद्र लाल भारती शासन प्रशासन के साथ सामंजस्य स्थापित करके मेरी आवाज़ को बुलंद किया है।

