कुरुक्षेत्र आज दिनांक 17 जनवरी 2026 को उपायुक्त, कुरुक्षेत्र के माध्यम से एक ज्ञापन राष्ट्रपति, भारत सरकार के नाम दिया गया जो कि जिला कुरुक्षेत्र के तहसीलदार द्वारा लिया गया! ज्ञापन में मांग की गई है कि चुनाव ई वी एम के माध्यम से ना करवाए जाएं तथा चुनाव बैलेट पेपर से करवाए जाएं!
मू सत्यपाल भोला ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने लोकतंत्र को परिभाषित करते हुए कहा था कि लोकतंत्र सरकार की एक ऐसी विधि व रूप है जिससे सामाजिक जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन बिना रक्तपात के लाया जा सकता है परंतु इ वी एम के माध्यम से लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है! मू सेवा राम जागलान बालू ने कहा कि आज विश्व के शक्तिशाली देश जैसे यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, सिंगापुर, जर्मनी, आयरलैंड, हॉलैंड, अमेरिका, जापान इत्यादि देशों में ई वी एम को पूरी तरह से बैन कर दिया गया है परंतु भारत में सरकार के द्वारा जबरदस्ती ई वी एम से ही चुनाव करवाए जा रहे हैं जिससे लोकतंत्र प्रभावित हो रहा है! मू संधीर बौद्ध ने कहा कि ई वी एम का माइक्रोकंट्रोलर जिसे जापान बनाती है जबकि जापान भी अपने देश में बैलेट पेपर से चुनाव करवाता है!
मूलनिवासी जिले सिंह सभरवाल ने बताया कि नरसिम्हा राव ने अपनी पुस्तक ” डेमोक्रेसी एट रिस्क कैन बी ट्रस्ट ” और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में ई वी एम को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है! इस अवसर पर नए श्रम कानून का विरोध भी किया गया जिस पर मू सुभाष चंद चोपड़ा ने कहा कि श्रम कानूनो में भारतीय संविधान की प्रस्तावना और अनुच्छेद 23, 24, 39 ए, 43 ए एवं 43 का खुला उल्लंघन है और सामाजिक शोषण भी है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 38 और 39 का उल्लंघन है, मू पी एल चौधरी ने बताया कि इन कानूनो में जॉब सिक्योरिटी कहीं नजर नहीं आ रही है! इस संबंध में ज्ञापन में बताया गया है! इस मौके पर जिला अध्यक्ष मूलनिवासी संघ सुभाष चंद चोपड़ा, मू सत्पाल भोला, मू सधीर बौद्ध, पीएल चौधरी, मू सेवाराम जागलान, मू जिले सिंह सभरवाल, मू रति राम फुलिया, मू सोमवीर, मू सुमित कुमार, मू परविन्द्र आदि मौजूद रहे!

