नई टिहरी पूर्व लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप टम्टा ने पत्रकार गंगा शाह आशु कवि को मिल रही कथित धमकियों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन और पुलिस से मामले को गंभीरता से लेने तथा निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
जारी बयान में प्रदीप टम्टा ने कहा कि टिहरी गढ़वाल जिले में दलित शिल्पकार केतन की हत्या के बाद प्रदेशभर में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठी। उन्होंने कहा कि पत्रकार आशु कवि ने इस प्रकरण में पीड़ित परिवार की आवाज़ और न्याय की मांग को लगातार प्रमुखता से उठाया। एक पत्रकार का दायित्व है कि वह समाज के वंचित, कमजोर और पीड़ित वर्ग की आवाज़ को सामने लाए तथा अन्याय के विरुद्ध तथ्यों के आधार पर अपनी भूमिका निभाए।
टम्टा ने कहा कि यदि किसी पत्रकार को उसके पेशेवर दायित्वों के निर्वहन के कारण धमकियां मिलती हैं, तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता का भी विषय है। उन्होंने कहा कि पत्रकार बिना किसी भय या दबाव के अपना कार्य कर सकें, यह प्रशासन की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि यदि गंगा शाह आशु कवि ने अपनी सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को शिकायत दी है, तो उस पर तत्काल और गंभीरता से कार्रवाई होनी चाहिए। यदि जांच में धमकी या उत्पीड़न के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रदीप टम्टा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता पर निर्भर करती है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि पत्रकारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेने का साहस न कर सके और समाज में न्याय तथा कानून के शासन पर लोगों का विश्वास बना रहे।

