नई टिहरी टिहरी गढ़वाल के घनसाली विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत मुयालगांव के जंदोली तोक में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर पहाड़ की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है। 4 अगस्त 2026 की रात करीब 8:35 बजे हुए भीषण भूस्खलन में अनुसूचित जाति (शिल्पकार) बस्ती के एक गरीब परिवार का मकान पूरी तरह मलबे में दब गया, जबकि कई अन्य मकानों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। भयभीत परिवार अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ घर छोड़कर किराये के मकानों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और विशाल चट्टानें मकानों पर आ गिरीं। घरों के आंगन मलबे से भर गए, दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं और एक मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। समय रहते परिवार के बाहर निकल जाने से बड़ा हादसा टल गया।
प्रभावित परिवारों का आरोप है कि उन्होंने पहले ही संभावित खतरे की जानकारी जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को दी थी। एक महिला ने वीडियो में दावा किया कि “विधायक जी ने कहा था कि जब घर टूटेगा तब देखेंगे,” जबकि उनका यह भी आरोप है कि अधिकारियों ने खतरे की आशंका को गंभीरता से नहीं लिया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों ने बताया कि संजय लाल ,मुकंद लाल एवं बलवीर लाल सहित कई अनुसूचित जाति (शिल्पकार) परिवारों के मकान अब रहने योग्य नहीं बचे हैं। लगातार हो रहे भूधंसाव से पूरे जंदोली तोक पर संकट मंडरा रहा है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय जंदोली भी भूस्खलन की जद में बताया जा रहा है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता व्याप्त है।
प्रभावित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि सभी प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत सामग्री, उचित मुआवजा, सुरक्षित स्थान पर स्थायी पुनर्वास, भू-वैज्ञानिक सर्वे तथा विद्यालय और बस्ती की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की तो जंदोली में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। समाजसेवी विनोद लाल शाह एवं उनकी टीम मौके पर पहुंची
उन्होंने शासन और जिला प्रशासन से संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है।
संवाददाता गंगा शाह
नई टिहरी

