नैनीताल अनुसूचित जाति-जनजाति शिक्षक एसोसिएशन, उत्तराखंड के प्रांतीय आह्वान पर आज जिला इकाई नैनीताल ने उप जिलाधिकारी हल्द्वानी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार को 19 सूत्रीय मांगों के संबंध में ज्ञापन प्रेषित किया गया। संगठन ने अपनी मांगों को सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों, सेवा सुरक्षा तथा अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के समग्र शैक्षिक एवं सामाजिक उत्थान से जुड़ा विषय बताते हुए उनके शीघ्र समाधान की अपेक्षा व्यक्त की है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि चरणबद्ध आंदोलन के प्रथम चरण में दिनांक 26 मई 2026 को प्रदेश की सभी तहसीलों एवं उपतहसीलों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया था। इसके उपरांत दिनांक 02 जून 2026 को देहरादून में विभिन्न शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों के साथ विचार-विमर्श एवं संवाद स्थापित किया गया।
सरकार की तरफ से कोई सार्थक जवाब न मिलने के बाद आज पुनः सभी जिला मुख्यालयों से निम्न बिंदुओं पर ज्ञापन प्रेषित किया गया –
अनुसूचित जाति-जनजाति विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि, न्यायमूर्ति इरशाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर उसकी संस्तुतियों का क्रियान्वयन, पारदर्शी एवं ऑनलाइन स्थानांतरण व्यवस्था, लंबित पदोन्नतियों का निस्तारण, पदोन्नति में आरक्षण संबंधी प्रावधानों का अनुपालन, बैकलॉग रिक्तियों की पूर्ति, संविदा एवं आउटसोर्स सेवाओं में आरक्षण व्यवस्था लागू करने, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक-कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान, स्वच्छक कर्मियों के नियमितीकरण, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, गोल्डन कार्ड योजना के प्रभावी संचालन, इंदु कुमार पांडे समिति की संस्तुतियों के क्रियान्वयन, अनुसूचित जाति-जनजाति प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण रोस्टर संबंधी श्वेत पत्र जारी करने, आयोगों एवं समितियों में प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने, वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा सुरक्षा हेतु TET परीक्षा से मुक्ति तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने सहित 19 महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है।
संगठन ने आज ही उक्त मांगों के संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं राज्यपाल उत्तराखंड को भी रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों में विश्वास रखते हुए अपनी मांगों के समाधान हेतु शांतिपूर्ण एवं वैधानिक मार्ग का अनुसरण कर रहा है। यदि सरकार द्वारा शीघ्र वार्ता कर सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो 20 जून 2026 से पूर्व सचिवालय घेराव किया जाएगा। इसके उपरांत भी मांगों पर अपेक्षित कार्यवाही न होने की स्थिति में सितंबर माह के अंतिम सप्ताह अथवा अक्टूबर माह के प्रथम सप्ताह में प्रदेशभर के शिक्षकों एवं कर्मचारियों की व्यापक सहभागिता के साथ मुख्यमंत्री आवास घेराव किया जायेगा।
ज्ञापन देने वालों में प्रदेश महामंत्री सुरेश चंद्र, जिलाध्यक्ष विरेन्द्र कुमार टम्टा,चन्दन कोहली, खेम चन्द्र, दुर्गा प्रसाद, रोहित कुमार ब्लॉक अध्यक्ष सितारगंज,राहुल कुमार, मंजू रानी,आशा आर्या, ममता आर्या, विनोद कुमार, हेमचन्द्र, पूरन विश्वकर्मा, अनिल ह्यूमन, दयाल राम, उमाशंकर,सुन्दर प्रकाश आर्य, लीलाधर टम्टा, मनोज त्रिकोटी, विजय कुमार, संजय कुमार (प्रांतीय मीडिया प्रभारी), गिरीश चन्द्र बेरी,जगदीश कुमार विमल, सुरेश चन्द्र,
राकेश बौद्ध, के एल टम्टा
हरीश चन्द्र, गोविंद आर्य, रुचि आर्या सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

